विविध गीता अध्ययन (भगवद्गीता के अतिरिक्त)*
Contact us

₹1,200

₹1,500

Language: Hindi & English

“गीता” शब्द सुनते ही हमारे मन में सबसे पहले भगवद्गीता का स्मरण होता है। सामान्यतः हम इतना ही जानते हैं कि युद्धभूमि में श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया उपदेश ही गीता है। किंतु सनातन वैदिक भारतीय ज्ञान परंपरा में भगवद्गीता के अतिरिक्त भी अनेक गीता ग्रंथ उपलब्ध हैं। वास्तव में “गीता” शब्द का मूल अर्थ है — गाकर या काव्यमय शैली में प्रस्तुत किया गया ज्ञान। “गीत” शब्द से ही “गीता” शब्द की उत्पत्ति हुई है।  इन विभिन्न गीताओं का स्वरूप जीवन-दर्शन, तत्त्वज्ञान, उपदेश, मार्गदर्शन, शंका-समाधान, संवाद, प्रश्नोत्तर, चर्चा तथा बौद्धिक विमर्श के रूप में दिखाई देता है। भगवद्गीता के अतिरिक्त लगभग 100 से अधिक गीता ग्रंथों का उल्लेख भारतीय साहित्य और परंपरा में मिलता है। इस कैप्सूल कोर्स में हम उनमें से 24 प्रमुख गीताओं का अध्ययन करेंगे।   ये सभी गीता ग्रंथ मुख्यतः सनातन वैदिक दर्शन, जीवन-दृष्टि और विविध प्रकार के ज्ञान का प्रस्तुतीकरण करते हैं। इनमें आत्मसाक्षात्कार, मोक्ष, संन्यास, वेदांत, वैदिक षड्दर्शन, देवताओं का स्वरूप एवं गुण-वर्णन जैसे आध्यात्मिक विषयों के साथ-साथ गृहस्थ जीवन, कर्म सिद्धांत, कर्तव्य, धर्ममीमांसा और धर्माचरण से संबंधित मार्गदर्शन भी प्राप्त होता है। इनमें से अनेक गीताएँ पुराणों में वर्णित हैं। कुछ गीताएँ रामायण में भी मिलती हैं, जबकि महाभारत में भी अन्य अनेक गीताओं का उल्लेख मिलता है। भारतीय ज्ञान परंपरा में जीवन का उद्देश्य “निःश्रेयस” और “अभ्युदय” दोनों माना गया है। अर्थात मनुष्य को केवल भौतिक और सांसारिक प्रगति ही नहीं, बल्कि वैचारिक, मानसिक, भावनात्मक, शारीरिक, नैतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक उन्नति भी प्राप्त करनी चाहिए। इसी कारण भारतीय ज्ञान परंपरा में दर्शन, धर्म, नीति और आचरण पर निरंतर अध्ययन और चर्चा की परंपरा रही है। 

कैप्सूल कोर्स के विषय

✅ “गीता” शब्द की व्युत्पत्ति
✅ विभिन्न गीताएँ कितनी हैं?
✅ गीताओं में चर्चित विषय
✅ गीता ग्रंथों का इतिहास और महत्व
✅ अष्टावक्र गीता, राम गीता, विदुर गीता, युधिष्ठिर गीता
✅ वशिष्ठ गीता, अनु गीता, उद्धव गीता, नारद गीता
✅ शौनक गीता, व्याध गीता, पराशर गीता, पिंगला गीता
✅ ब्राह्मण गीता, भ्रमर गीता, बक गीता, जनक गीता
✅ ब्रह्म गीता, अगस्त्य गीता, हंस गीता, कपिल गीता
✅ गणेश गीता, ऋषभ गीता, देवी गीता, सूर्य गीता
✅ विभिन्न गीता ग्रंथों की वर्तमान समय में उपयोगिता

मार्गदर्शक

डॉ. वीणा राज 

PhD, M.A in Economics & Sanskrit (Vedanta)
Trained in Manuscriptology and Textual CriticismExpert in Brihadaranyaka Upanishad.

विशेषज्ञ मार्गदर्शक

मार्गदर्शन एवं प्रश्नोत्तर सत्र

रिकॉर्डिंग उपलब्ध

ऑनलाइन वर्ग – ZOOM के माध्यम से

27 से 31 जुलाई, 2026

शाम 08:00 से 09:15 बजे